भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में संशोधन के खिलाफ अदालत में जाएगी आम आदमी...

भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में संशोधन के खिलाफ अदालत में जाएगी आम आदमी पार्टी

जयपुर। आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में बदलाव का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का आरोप है कि यह संशोधन चुनाव में नौकरशाही को अपने पक्ष में करने और भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए किया है। इस संशोधन के खिलाफ पार्टी अदालत में याचिका दायर करने जा रही है।

आम आदमी पार्टी राजस्थान, लीगल सेल के चेयरमैन एडवोकेट पूनम चन्द भंडारी ने शुक्रवार को जयपुर में पिंकसिटी प्रेस क्लब में कहा कि इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास कर रही है

आम आदमी पार्टी राजस्थान, लीगल सेल के चेयरमैन एडवोकेट पूनम चन्द भंडारी* ने शुक्रवार को जयपुर में पिंकसिटी प्रेस क्लब में कहा कि इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, सरकार अधिकारियों के माध्यम से भ्रष्टाचार को संरक्षण देकर लूटने का पूरा प्लान तैयार कर उसे अमल में लाने लगी है। यह संशोधन भारतीय इतिहास में काला धब्बा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून में बदलाव मोदी सरकार के दोहरे चरित्र को साबित करता है। एक तरफ भ्रष्टाचार को खत्म करने के बड़े—बड़े दावे किये जा रहे हैं और दूसरी तरफ इस तरह के संशोधन लाकर भ्रष्टाचारियों का बचाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह संशोधन कर भाजपा सरकार कर्मचारियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।

भंडारी ने कहा कि इससे पहले राजस्थान में राज्य सरकार इसी तरह का काला कानून लेकर आई थी, जिसे विरोध के चलते वापस लेना पड़ा। एडवोकेट पूनम चंद भंडारी ने कहा कि यह संशोधन केंद्र और राज्य दोनों में लागू होगा। द प्रिवेंशन आॅफ करप्शन एमेंडमेंट एक्ट 2018 की धारा 17 ‘ए’ में यह प्रावधान किया गया है कि भ्रष्टाचार की शिकायत होने पर अधिकारी के खिलाफ जांच के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। सरकार तीन महीने में अपना निर्णय देगी। इसके बाद भी चाहे तो वह एक महीना और ले सकती है। यानि चार महीने तक शिकायत पर कोई जांच ही शुरू नहीं होगी। भंडारी ने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में भ्रष्ट अफसर मिलीभगत कर मामला रफा—दफा करा लेंगे और शिकायत धरी रह जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले एक तरह से यह भ्रष्टाचारियों को बचाने की सरकार की मुहिम है।

एडवोकेट भंडारी ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस संशोधन को वापस लेने की मांग करती है। पार्टी इस मामले में जल्द ही राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। सरकार इसकी कुछ खूबियां गिनाकर जनता का माइंड वॉश करने का प्रयास कर रही है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं होगा। यह केवल दिखावा है। इस संशोधन का एक ही मकसद है भ्रष्टाचारियों को बढ़ाना है।

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