फिल्म अभिनेता सीताराम पांचाल का निधन, आर्थिक तंगी से थे परेशान ...

फिल्म अभिनेता सीताराम पांचाल का निधन, आर्थिक तंगी से थे परेशान | News India Trust

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स्लमडॉग मिलेनियर जैसी ऑस्कर विजेता फिल्म में अपनी अदा से लोगों का दिल जीतने वाले फिल्म कलाकार सीताराम पांचाल का गुरुवार सुबह 8:30 बजे निधन हो गया. पिछले 4 सालों से पांचल लंग और किडनी कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से लड़ रहे थे.

फिल्म कलाकार सीताराम पांचाल का गुरुवार सुबह 8:30 बजे निधन हो गया. पिछले 4 सालों से पांचल लंग और किडनी कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से लड़ रहे थे.

सीताराम पांचाल ने स्लमडॉग मिलेनियर के आलावा, द लीजेंड ऑफ भगत सिंह, जॉली एलएलबी, सारे जहां से महंगा, हल्ला बोल, बैंडिट क्वीन जैसी सुपरहिट फिल्मों में भी काम किया हैं. लेकिन इतनी फिल्मे करने के बाद भी पांचाल अपने अंतिम समय में आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे. शायद इसी लिए वो अपना महंगा इलाज छोड़कर आयुर्वेदिक इलाज करवाने पर मजबूर हो गए थे.

थोड़े दिन पहले  पांचाल का सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हुआ जिसमे पंचाल ने कहा, ‘भाइयों मेरी मदद करो, कैंसर से मेरी हालत खराब होती जा रही है.’ आपका कलाकार भाई सीताराम पांचाल.

ऐसा नही था कि पांचाल के उनके दोस्त मदद नहीं कर रहे थे. उनके काफी दोस्तों ने इस दुःख की घड़ी में पांचाल का साथ दिया. इरफान खान, पाचांल के एनएसडी बैचमेट संजय मिश्रा, रोहिताश गौड़, टीवी प्रोड्यूसर (एक घऱ बनाऊंगा) राकेश पासवान आदि शामिल हैं. ट्विटर पर भी फिल्म डायरेक्टर अश्विनी चौधरी जैसे कई दोस्तों ने उनकी मदद की.

आपको बता दे की सीताराम पांचाल का जन्‍म हरियाणा के कैथल जिले के डूंडर हेड़ी गांव में 1963 में हुआ था. उन्होंने कई हरियाणवी फिल्मो में भी काम किया. मशहूर फिल्म डायरेक्टर अश्वनी चौधरी की डेब्यू हरियाणवी फिल्म लाडो में भी पंचाल ने काम किया था.

अगर पांचाल के अभिनय सफ़र की बात करें तो इनको बचपन के दिनों से ही अभिनय पसंद था. अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद इन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा दिल्ली में दाखिला ले लिया. फिर इसके बाद पांचाल ने पिछले मुड़ कर नही देखा.

इसके बाद लगातार हिंदी फिल्मों में अलग अलग चरित्र भूमिकाओं में दिखते रहे हैं. सीताराम पांचाल का घर सिर्फ इनकी कमाई से चलता था. पंचाल का 19 साल का एक बेटा है, जो अभी पढ़ रहा है.

 

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